Thursday, November 11, 2010

भिंड पुलिस मुठभेड़...लाश खोलेगी पुलिस की पोल

 फ्लैग: भिंड पुलिस मुठभेड़
हैडिंग: लाश खोलेगी पुलिस की पोल
पाइंटर- विधायक गोविंद सिंह की शिकायत पर पुलिस मुठभेड़ की सीआईडी विभाग कर रहा जांच
पुलिस की थ्योरी में कई खामियां
प्रमोद त्रिवेदी, भोपाल
 भिण्ड में कथित पुलिस मुठभेड़ की जांच कर रही सीआईडी को अहम सुराग मिले
हैं। सीआईडी विभाग पुलिस मुठभेड़ में मारे गए पूर्व सैनिक अमजद खान सहित
सभी चारों मृतकों के शव का दोबार पोस्टमार्टम कराने जा रही है। पुलिस की
थ्योरी में कई पेंच होने के बाद शवों का दोबारा पोस्टमार्टम तथा फोरेसिंक
जांच कराई जाएगी।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार अगस्त माह में हुए एनकाउंटर को शुरू
से ही फर्जी माना गया। शिकायतों के बाद मुख्यमंत्री ने इस मामले को
गंभीरता से लेते हुए सीआईडी जांच के आदेश दिए थे। मामले को तूल पकड़ते देख
सीआईडी के आला अधिकारी जांच में जुट गए। आईजी सीआईडी तथा डीआईजी सीआईडी
ने भी मुठभेड़ स्थल का मुआयना, परिजनों के बयान तथा पुलिस की थ्योरी की
बारीकी से जांच की। इस मामले में पुलिस का बयान सीआईडी के अधिकारियों के
गले नहीं उतर रहा है। परिस्थिति को देखते हुए सीआईडी को मृतकों की लाश से
अहम सुराग मिलने की उम्मीद है, इसलिए दोबारा पोस्टमार्टम तथा लाश की
फोरेंसिक जांच के लिए परमीशन ली जा रही है। सूत्रों के अनुसार फोरेंसिक
जांच के बाद मामले का खुलासा हो जाएगा।
केवल तीन महीने में अपराधी साबित
भिण्ड जिले में डकैत तथा हिंसक अपराधियों की कमी नहीं है। अधिकांश
अपराधियों का अपराधिक जीवन काफी लम्बा तथा उन पर दर्जनों प्रकरण दर्ज
हैं। लेकिन अमजद खान के मामले में पुलिस की तत्परता जांच अधिकारियों के
गले नहीं उतर रही है। अमजद खान का अपराधिक रिकार्ड केवल 3 माह का है।
उसमें भी भिण्ड जिले के अपराधों की तुलना में कोई संगीन मामला दर्ज नहीं
है। ऐसे में अन्य डकैतों के साथ अमजद खान का एनकाउंटर संदेहास्पद स्थिति
में माना जा रहा है।
क्या है मामला
22 अगस्त 2010 को भिंड के बकनासा इलाके में पुलिस से हुई कथित मुठभेड़ में
चार डकैतों के माने जाने का मामला सूर्खियों में आया था। इसी मुठभेड़ में
डकैतों के साथ अमजद खान नामक पूर्व सैनिक भी मारा गया था। अमजद के बारे
में बताया जाता है कि वह कांग्रेस का पदाधिकारी था और उसकी पत्नी यास्मीन
भी महिला कांग्रेस की सक्रिय कार्यकर्ता है। अमजद की मौत के बाद
क्षेत्रीय विधायक गोविंद सिंह ने पुलिस और सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल
दिया। उन्होंने मामले की तुलना गुजरात के सोहराबुद्दीन फर्जी मुठभेड़
मामले से की है। दो दिन पहले अमजद की पत्नी यास्मीन ने राज्यपाल रामेश्वर
ठाकुर से मुलाकात कर मामले की सीबीआई जांच की मांग की थी। बकनासा में
मारे गए दूसरे डकैत ऊदल बढ़ई की पत्नी रानी ने भी मुठभेड़ को फर्जी बताया
था। पुलिस अफसर मुठभेड़ को सही ठहरा रहे हैं। उनके मुताबिक मुठभेड़ में
मारे गए डकैत थे और अपहरण व फिरौती के साथ लूट के कई मामलों से जुड़े हुए
थे। उन पर मध्य प्रदेश के अलावा उत्तर प्रदेश में भी कई मुकदमे दर्ज थे।

Thursday, November 4, 2010

बेवफाई में मेडिकल स्टूडेंट ने दे दी जान

अगरतला. ऑर्कुट पर एक लड़की के प्यार में पागल हुए एक मेडिकल स्टूडेंट ने लड़की के तवज्जों न देने के बाद आत्महत्या कर ली।

यह सनसनीखेज मामला त्रिपुरा की राजधानी अगरतला का है। अगरतला गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज का छात्र रूपकनाथ की दोस्ती सोशल नेटवर्किंग साइट ऑर्कुट पर एक लड़की से हुई। इंटरनेट पर बनी दोस्त के प्यार में रूपक पागल हो गया।

रूपक की इंटनेट प्रेमिका दक्षिण भारत के एक कॉलेज से पढ़ाई कर रही है। पुलिस के मुताबिक रूपक के दोस्तों ने उसकी इंटरनेट प्रेमिका रूबी (परिवर्तित नाम) के फोन कॉल आने के बाद जब उसके कमरे में जाकर देखा तो पंखे से लटका हुआ पाया।

रूबी ने फोन कर उसके दोस्तों को बताया था कि सुबह से उसका फोन नहीं उठा रहा है। इस पर रूपक के दोस्त उसके हॉस्टल कमरे की ओर भागे। कमरा अंदर से बंद था। दरवाजा तोड़कर अंदर घुसा गया तो रूपक का शव पंखे से लटक रहा था।

मरने से पहले रूपक ने अपने कमरे की दीवारों पर अपने खून से प्रेमिका का नाम लिख दिया था। आत्महत्या करने से पहले रूपक ने अपने शरीर पर घाव भी किए थे।